
बहराइच। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आह्वान पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चलाए जा रहे साप्ताहिक मार्च के अंतिम दिन बहराइच में समाजवादी पार्टी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। पूर्व मंत्री यासर शाह और जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव एडवोकेट के नेतृत्व में जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से पहुंचे हजारों सपा कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
नानपारा, बलहा, मटेरा, पयागपुर, महसी, कैसरगंज और सदर बहराइच से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता झिंगहा घाट पर एकत्र हुए। यहां से निकला मार्च घंटाघर होते हुए शहीद पार्क पहुंचा। भारी भीड़ के चलते शहर की यातायात व्यवस्था काफी देर तक प्रभावित रही।
कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और जेल भेजने की मांग वाले पोस्टर थे। शहीद पार्क में उपस्थित जनसमूह के समक्ष भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ किया गया और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा प्रदत्त मतदान के अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया गया।
इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। संविधान मान स्तंभ के समक्ष राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
पूर्व मंत्री यासर शाह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा सरकार के इशारे पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम में विधायक आनंद यादव, पूर्व सांसद सावित्री बाई फुले, पूर्व विधायक रमेश गौतम, केके ओझा और मुकेश श्रीवास्तव समेत, अब्दुल मन्नान व पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। महिलाओं और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने मार्च में हिस्सा लिया।