
बहराइच। मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के बावजूद विद्यालय पहुंचे बच्चों के लिए कंपोजिट विद्यालय धरसवां में सोमवार का दिन खास बन गया। छात्रा नित्या के शुभ मंगल जन्मदिन के अवसर पर विद्यालय आने वाले सभी विद्यार्थियों को कापी, पेन, कलर बॉक्स और मिष्ठान वितरित किया गया। शैक्षिक सामग्री और मिठाई पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और बारिश के बीच विद्यालय का वातावरण उत्साह एवं उल्लास से भर गया।
कार्यक्रम का आयोजन बच्चों के बीच अपनत्व, प्रोत्साहन और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने स्वयं बच्चों को कापी, पेन और कलर बॉक्स वितरित किए तथा उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई करने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्राथमिक स्तर की शिक्षिका अमिता श्रीवास्तव का विशेष सौजन्य रहा। आयोजन को सफल बनाने में अमिता श्रीवास्तव (जूनियर स्तर), जय देवी, रमेश कुमार और अर्चना सिंह का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षकों ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।
प्रोत्साहन से बच्चों में बढ़ता है आत्मविश्वास
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक विद्या विलास पाठक ने कहा कि बच्चों के जीवन में छोटे-छोटे प्रोत्साहन भी उनके लिए बड़ी प्रेरणा बन सकते हैं। ऐसे आयोजन बच्चों और शिक्षकों के बीच केवल औपचारिक संबंध नहीं रहने देते, बल्कि उनमें आत्मिक समन्वय और अपनत्व की भावना विकसित करते हैं। जब बच्चे अपने शिक्षकों को अपने सुख-दुख और खुशियों में सहभागी पाते हैं तो विद्यालय उनके लिए अधिक सहज और सकारात्मक स्थान बन जाता है।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक सामग्री का वितरण केवल उपहार देना नहीं है, बल्कि बच्चों को यह संदेश देना है कि उनकी शिक्षा और उनका भविष्य समाज एवं शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है। कापी, पेन और कलर बॉक्स जैसी सामग्री बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी प्रोत्साहित करती है।
बीईओ अनुराग मिश्रा की प्रेरणा को बताया अनुकरणीय
विद्या विलास पाठक ने खंड शिक्षा अधिकारी अनुराग मिश्रा को ऐसे रचनात्मक एवं बाल-केंद्रित आयोजनों की प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के प्रति उनका चिंतन अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि बच्चों के ज्ञान-विकास और व्यवहारिक समझ को लेकर मिश्रा द्वारा लिखी गई पुस्तकें भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इस तरह के आयोजन बच्चों में पढ़ने-लिखने के प्रति रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए शिक्षक द्वारा दिया गया प्रोत्साहन उन्हें आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है।
बारिश भी नहीं रोक सकी बच्चों का उत्साह
लगातार हो रही बारिश के बावजूद विद्यालय पहुंचे बच्चों को जब कापी, पेन, कलर बॉक्स और मिष्ठान मिला तो उनके चेहरों पर मुस्कान आ गई। कई बच्चों ने शैक्षिक सामग्री को उत्साहपूर्वक संभाला और इसे अपने लिए उपयोगी बताते हुए खुशी जाहिर की।
विद्यालय परिवार का कहना है कि बच्चों के जन्मदिन और अन्य विशेष अवसरों को शिक्षा एवं प्रोत्साहन से जोड़कर मनाने की पहल विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति लगाव बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करती है। ऐसे प्रयास विद्यालय को केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को आकार देने का जीवंत मंच बनाते हैं।
Leave a Reply