बहराइच।
जनपद में हाल ही में किए गए समायोजन-3 को लेकर जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने कड़ा एतराज जताया है। संघ का कहना है कि समायोजन प्रक्रिया में कई स्तरों पर गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं और अनेक शिक्षकों का समायोजन उनकी सहमति व निर्धारित मानकों की अनदेखी कर किया गया है। संगठन ने इन विसंगतियों को सुधारने की मांग करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को साक्ष्यों सहित विस्तृत पत्र सौंपा है।
शिक्षक संघ द्वारा दिए गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समायोजन के दौरान न तो पद की प्रकृति का ध्यान रखा गया और न ही शासन द्वारा तय दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। संघ का आरोप है कि कुछ प्रधानाध्यापकों का समायोजन कर दिया गया, जबकि प्रधानाध्यापक (हेड मास्टर) के समायोजन से संबंधित कोई स्पष्ट आदेश ही जारी नहीं हुआ था।
प्रधानाध्यापकों व पीएम श्री विद्यालयों से जुड़े मामले
संघ के अनुसार सरोज कुमारी (जूनियर विद्यालय शेख दहीर, तजवापुर) और मंजू देवी यादव (कंपोजिट स्कूल रिसिया) दोनों प्रधानाध्यापिका हैं, इसके बावजूद उनका समायोजन कर दिया गया, जो नियमों के विपरीत है। इसी तरह शत्रुघ्न वर्मा, प्रदीप कुमार वर्मा और संयोगिता सिंह पीएम श्री विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक हैं। संगठन का कहना है कि पीएम श्री विद्यालयों से शिक्षकों का समायोजन किया जाना स्वयं में ही नीति के खिलाफ है।
दिव्यांग व महिला शिक्षकों के साथ अनदेखी
शिक्षक संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि समायोजन में मानवीय पक्ष की अनदेखी की गई। नरगिस बानो, जो कंपोजिट विद्यालय बरौली, जरवल में कार्यरत हैं, दिव्यांग होने के बावजूद उनका समायोजन कर दिया गया। वहीं संजीदा बानो (कंपोजिट राजापुर माफी, चित्तौरा) को उनके ही ब्लॉक से दूर तैनात कर दिया गया, जिससे उन्हें आवागमन और पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दूरस्थ विद्यालयों में जबरन तैनाती का आरोप
समायोजन-3 में कई शिक्षकों को उनके निवास स्थान और वर्तमान कार्यस्थल से अत्यधिक दूर विद्यालयों में भेजे जाने का मामला भी सामने आया है। इनमें नीति यादव (उच्च प्राथमिक विद्यालय कसमरा, जरवल), नेहा तबस्सुम, अनीता यादव, सुभाष चंद्र विश्वास (शाहपुर जोतहठीला, चित्तौरा), जनक राम वर्मा (कंपोजिट जोहरा), त्रिलोकी नाथ (बेलवा भारी, नवाबगंज), वसीम अहमद (कंपोजिट जरवल देहात), जितेंद्र कुमार (कंपोजिट देवदत्तपुर, शिवपुर), वैभव राय (उच्च प्राथमिक विद्यालय किशनपुर माफी, शिवपुर), महेंद्र प्रताप (कंपोजिट कोदही, फखरपुर) और विनय राव (कंपोजिट सुआगाडा, फखरपुर) शामिल हैं। संघ का कहना है कि इन शिक्षकों को बिना उनकी मांग और परिस्थिति पर विचार किए दूरस्थ विद्यालयों में भेज दिया गया।
प्रत्यावेदनों पर निर्णय न होना चिंता का विषय
जिला अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने बताया कि प्रभावित सभी शिक्षकों ने अपने-अपने प्रत्यावेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए हैं। संगठन की मांग है कि इन प्रत्यावेदनों पर समिति गठित कर गंभीरता से विचार किया जाए और शिक्षकों को उनकी मांग के अनुरूप नजदीकी विद्यालयों में समायोजित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक समायोजन की संशोधित सूची जारी न होना शिक्षकों के बीच चिंता और असंतोष का कारण बन रहा है।
मानकों के अनुसार समायोजन की मांग
शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि समायोजन प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित मानकों, शासनादेशों और मानवीय दृष्टिकोण के अनुसार की जानी चाहिए। यदि जल्द ही विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो संगठन आगे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार कर सकता है।