जर्जर भवनों को करें चिन्हित l

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: बीएसए ने दिए जर्जर भवनों को चिन्हित कर निष्प्रयोज्य घोषित करने के निर्देश

लेखक: Shamikh Rais Siddiqui | स्थान: बहराइच | दिनांक: 5 अगस्तबीएसए निर्देश संबंधी सूचना ग्राफिक

बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा – यही सख्त संदेश देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बहराइच, आशीष कुमार सिंह ने जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में जर्जर भवनों और कक्षा-कक्षों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल निष्प्रयोज्य घोषित करने के निर्देश जारी किए हैं।

यह निर्देश महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, उत्तर प्रदेश से प्राप्त पत्र के अनुपालन में जारी किया गया है। बीएसए ने अपने पत्र के माध्यम से सभी प्रधानाध्यापकों और खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि यदि विद्यालय परिसर में कोई भवन या कक्षा-कक्ष जर्जर स्थिति में है, तो उसे तुरंत बंद कर दिया जाए

क्या हैं बीएसए के निर्देश?

  • जर्जर भवन/कक्षा-कक्षों को “निष्प्रयोज्य” अथवा “प्रवेश निषेध” लिखते हुए चिन्हित करें।
  • इन चिन्हों को लाल रंग के पेंट से बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा जाए ताकि दूर से भी स्पष्ट दिखाई दे।
  • चिन्हित भवनों को ईंट की दीवार बनाकर पूर्णतः बंद कर दिया जाए।
  • किसी भी छात्र को ऐसे भवनों के आस-पास न बैठाया जाए, चाहे वह चहारदीवारी हो, बरामदा हो या छत।

बरसात के मौसम में विशेष सावधानी

  • विद्यालय की छतों की समय-समय पर सफाई कराई जाए।
  • वर्षा जल निकासी की व्यवस्था सुचारु रूप से की जाए।
  • बच्चों को केवल सुरक्षित कक्षा-कक्षों में ही बैठाया जाए

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

बीएसए आशीष कुमार सिंह ने दो टूक कहा कि यदि किसी विद्यालय में लापरवाही पाई जाती है और इससे कोई अनहोनी होती है, तो संबंधित अधिकारी या प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी जिम्मेदार लोग आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

BSA Ashish Kumar Singh

निष्कर्ष

विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित स्थान होना चाहिए। इस दिशा में जिला प्रशासन की यह पहल स्वागत योग्य है। यह न केवल बच्चों की जान की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के मन में भी विश्वास बढ़ाएगा।

📌 यदि आप किसी विद्यालय के प्रधानाध्यापक हैं, तो कृपया निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और अपने विद्यालय को एक सुरक्षित शैक्षिक स्थल बनाएं।

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