
बहराइच के ब्लिस रिजॉर्ट से हुआ रवाना
महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालुओं का हुआ स्वागत
पूजा-अर्चना के बाद नेपाल के लिए प्रस्थान
बहराइच, 3 जुलाई। कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का एक दल गुरुवार को बहराइच स्थित ब्लिस रिजॉर्ट से नेपाल के लिए रवाना हुआ। प्रस्थान से पूर्व श्रद्धालुओं का तिलक, पुष्पमाला और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वागत किया गया तथा उनकी सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना की गई।
इस वर्ष के दल में महाराष्ट्र के मुंबई, उत्तर प्रदेश के मेरठ और खतौली (मुजफ्फरनगर) तथा उत्तराखंड के ऋषिकेश सहित विभिन्न शहरों से आए कुल 19 श्रद्धालु शामिल हैं। यह दल नेपालगंज के रास्ते आगे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कैलाश मानसरोवर के लिए रवाना हुआ।
ब्लिस रिजॉर्ट के प्रोपराइटर मनीष मल्होत्रा ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक साधना और आस्था का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रियों की सेवा और उन्हें शुभकामनाओं के साथ विदा करना ब्लिस रिजॉर्ट के लिए सौभाग्य की बात है।
यात्रा संयोजक मुकेश कुमार बंसल ने बताया कि सभी यात्रियों की यात्रा की तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु पूरी सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था के साथ बाबा भोलेनाथ के धाम तक पहुंचे। कैलाश मानसरोवर की यात्रा जीवन का अत्यंत पावन अनुभव होती है।”
मुंबई से आए श्रद्धालु आलोक कुमार अग्रवाल ने कहा कि वर्षों से कैलाश मानसरोवर जाने की इच्छा थी, जो अब साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा को लेकर पूरे परिवार में उत्साह का वातावरण है और भगवान शिव के दर्शन का अवसर मिलना जीवन का सौभाग्य है।
मेरठ के श्रद्धालु कमल नयन गोहाल ने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा मन, शरीर और आत्मा की परीक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने वाली यात्रा है। उन्होंने कहा कि वे बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से इस यात्रा पर निकले हैं।
मुंबई के संजय वसंतराव देशमुख ने कहा कि कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन प्रत्येक शिवभक्त का सपना होते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा उनके जीवन की सबसे यादगार और आध्यात्मिक यात्रा सिद्ध होगी।
युवा श्रद्धालु प्राधन्या देशमुख ने कहा कि बचपन से कैलाश मानसरोवर के बारे में सुनती आई थीं और अब स्वयं वहां जाने का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और धार्मिक स्थलों से जुड़ना चाहिए।
मुंबई की महिला श्रद्धालु सीमा अग्रवाल ने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा उनके लिए केवल दर्शन का अवसर नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति समर्पण का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनना उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु नेपालगंज से आगे निर्धारित मार्ग से मानसरोवर झील पहुंचेंगे, जहां पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद कैलाश पर्वत की परिक्रमा करेंगे। ब्लिस रिजॉर्ट प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें शुभ यात्रा का संदेश दिया।