बहराइच में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ का धरना, प्रधानमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन

बहराइच। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ ने आज जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरना जिला अध्यक्ष विद्या विलास पाठक के नेतृत्व में और संचालन जिला महामंत्री यादवेंद्र यादव व प्रांतीय संयुक्त मंत्री भूपेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने किया।

जनपद के कोने-कोने से भारी संख्या में शिक्षक दोपहर 3 बजे धरना स्थल पर पहुंचे और केंद्र सरकार से मांग की कि 10 सितंबर 2017 को संसद में पारित कानून, जिसके तहत 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है, उसे अध्यादेश लाकर रद्द किया जाए। शिक्षकों ने कहा कि यह प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है और नियुक्ति के समय की योग्यता के आधार पर ही सेवा सुरक्षित रहनी चाहिए।

जिला अध्यक्ष विद्या विलास पाठक ने कहा, “अगर 35 साल नौकरी कर चुके शिक्षकों को दोबारा टीईटी करने को कहा जा रहा है, तो क्या डॉक्टरों को फिर से नीट दिलवाया जाएगा, क्या आईएएस अधिकारियों को दोबारा यूपीएससी कराई जाएगी? केवल शिक्षकों को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है?” उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने वाली साजिश बताया।

धरने को संबोधित करते हुए प्रांतीय मुख्य संरक्षक राधाकृष्ण पाठक ने कहा कि इस कानून ने शिक्षा जगत में अफरा-तफरी मचा दी है और यह देशहित में नहीं है। राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री राधेश्याम कनौजिया, प्रांतीय उपाध्यक्ष सिराजुद्दीन न्यूटन, प्रांतीय संयुक्त मंत्री बलवंत सिंह, मंडलीय उपाध्यक्ष उबेदुर्रहमान, संयुक्त मंत्री आशुतोष वर्मा समेत कई नेताओं ने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।

शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सदर (एसडीएम बहराइच) लालचंद सिंह यादव को सौंपा।

धरना-प्रदर्शन में भानु प्रताप मिश्र, आसिफ अली, अनुराग मिश्रा, शत्रुघ्न वर्मा, भूपेंद्र कुमार सिंह, महेंद्र सिंह, दुर्गेश श्रीवास्तव, रामकुमार पांडे, सुशील कुमार मिश्रा, अखिलेश कुमार मिश्रा, सुभाष वर्मा, मनोज कुमार उपाध्याय, अफरोज, दिनेश कुमार, सत्येंद्र, कमलेश, प्रदीप कुमार मिश्रा, रविशंकर शुक्ल, रणजीत श्रीवास्तव, गिरीश राम, धर्मेंद्र पाल, राजेश कुमार यादव, इंदीवर, टाइगर, पंकज कुमार, सर्वेश श्रीवास्तव, दारा सिंह, सुनील कुमार पांडे, अतुल त्रिपाठी, अलीम अहमद, मणिकांत, श्यामवीर सिंह, गोपाल जी शुक्ला, अमिताभ शंकर त्रिपाठी, शिवकुमार, मेराज अहमद, इजहार उल हक, अभिमन्यु प्रसाद वर्मा, संजय मिश्रा, कलीम अहमद, संध्या सिंह, अमिता, नमिता, जय देवी, सनोवर कहकसा, रीता कनौजिया समेत सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

👉 शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।